ISRO

संपर्क टूटा है हौसला नहीं एक अरसे की महनत छूटी है आने वाली बरसे नहीं कोशिश जारी है तमन्नाओं की साजिशों की यूहीं हमने राते नहीं गुजारी एक ख़्वाब बनाने में । This lines based upon chandrayan 2 ।।

Poetrex

तितर बितर सा बिखरा बिखरानग्न कड़ सुख साभरम इन आंखों का।। मोह विरह सी कोठारीछलक गई जो अंजुरी कल बेसुध नींद में तेरीदोष लगा हस्त रे ख कोअब क़िस्मत काहे करत है तांडव ।। उलझाकर लब्जो का ताना Yबस अधकुचले से एम्तहन कुछ सेश रहे ।।

Design a site like this with WordPress.com
Get started